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आज भी है‘अठन्नी’ का मोल,डाकघरों में लिए जा रहे 50 पैसे के सिक्के

आज भी है ‘अठन्नी’ का मोल, डाकघरों में लिए जा रहे 50 पैसे के सिक्के

कोडरमा,(झारखंड):अठन्नी (पचास पैसे के सिक्के) के बारे में सरकारी आदेश जो भी हो, लेकिन व्यावहारिक रूप में यह चलन में नहीं है। चाहे हाट-बाजार हो या फिर किराना की दुकान, न अठन्नी मिल रही और न ही कोई इसे लेने को तैयार है। हालांकि, डाकघरों के काउंटरों पर इसे लिया जा रहा है। साथ ही वहां के कर्मी आपको 50 पैसे का सिक्का लौटाते भी हैं।सरकार की नजर में आज भी 50 पैसे का सिक्का न्यूनतम मूल्य का माना जाता है। वित्त विभाग की ओर से इसे बंद करने को लेकर किसी तरह की अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन पिछले पांच-सात सालों से इसका चलन लगभग खत्म हो गया है। अगर बाजार में आप किसी को 50 पैसे का सिक्का देंगे तो आपको वह दूसरे ग्रह का प्राणी समझ सकता है।
डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पोस्टकार्ड खरीदने के लिए 50 पैसे का सिक्का देता है तो कर्मी लेने से इन्कार नहीं कर सकता है। इसके लिए यदि वह एक रुपये का सिक्का देता है तो संबंधित ग्राहक को 50 पैसे का सिक्का लौटने होंगे। पोस्टकार्ड, अंतर्देशीय और लिफाफा फर्स्ट क्लास मेल की श्रेणी में आता है। हालांकि, डिजिटल युग में पोस्टकार्ड बहुत कम व्यवहार में आते हैं। नई पीढ़ी तो इससे बिल्कुल अनजान है।

आठ आना में मिलते हैं पोस्टकार्ड
डाकघर में अब भी आठ आना यानी 50 पैसे में एक पोस्टकार्ड मिलता है। ग्राहकों को खरीदने में कोई परेशानी नहीं हो रही। इसके लिए ग्राहकों को एक रुपये या अधिक मूल्य के नोट से भुगतान करने की जरूरत नहीं है। आप सीधे 50 पैसे के सिक्के से इसका भुगतान कर सकते हैं। यदि आप एक पोस्टकार्ड खरीदना चाहते हैं और एक रुपये का सिक्का देते हैं तो डाककर्मी आपको 50 पैसे का सिक्का लौटा देगा।
प्रचलन बंद होने के कारण व्यापारी पूंजी नहीं फंसाते

व्यापारी गोविंद कुमार फतेसरिया ने कहा कि रेजगारी प्रायः भिखारियों को लोग दान स्वरूप देते थे, लेकिन भिखारियों तक ने रेजगारी लेना तक बंद कर दिया। अब वे दो रुपये से कम में मानते ही नहीं है। धीरे-धीरे 50 पैसे और छोटे वाले एक रुपये के सिक्के का प्रचलन कोडरमा में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में बंद हो गया है। व्यापारी ऐसे सिक्के को लेकर अपनी पूंजी फंसाना नहीं चाहेगा।

डाकघर में सिक्के का मोल खत्म नहीं हुआ है। एक पोस्टकार्ड का दाम 50 पैसे है तो ग्राहक 50 पैसे के सिक्का देकर खरीद सकता है। कर्मी यह कहकर सिक्के लेने से इन्कार नहीं कर सकता है कि अब बाजारों में या आम लोगों के बीच यह प्रचलन में नहीं है। संजय संगम-डाक निरीक्षक कोडरमा

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