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आमदनी बढ़ाने की कवायद में जुटा नगर निगम, होल्डिंग टैक्स के दायरे में लाई जाएंगी 20 हजार इमारतें

इमारतों के मालिकों को दिया गया है एक नोटिस, अब भेजी जा रही दूसरी नोटिस

रांची (झारखण्ड) : घाटे में चल रहे रांची नगर निगम के लिए चालू साल आर्थिक रूप से काफी खराब चल रहा है। राजधानी में 1314 लाज व हॉस्टल के मालिक, 78 बैंक्विट हॉल के मालिक और लगभग 89 हजार प्रतिष्ठानों और इमारतों के मालिक टैक्स नहीं दे रहे हैं। इससे नगर निगम को करोड़ों रुपए का चूना लग रहा है। अब नगर निगम ने राजधानी की लगभग 20000 इमारतों को होल्डिंग टैक्स के दायरे में लाने की कवायद शुरू कर दी है। इन इमारतों के मालिकों को पहले नोटिस की जा चुकी है। नोटिस गए हुए एक महीना हो रहा है। लेकिन, अब तक इन इमारतों के मालिकों ने होल्डिंग टैक्स नहीं जमा किया है। अब इन्हें दूसरी नोटिस भेजी जा रही है। कोविड-19 के चलते लोगों की आमदनी कम होने और बाजार में खरीद-बिक्री कम होने का असर भी निगम की आमदनी पर पड़ा है। लोग यूजर चार्ज, होल्डिंग टैक्स समेत अन्य कर देने में आनाकानी कर रहे हैं।

यही नहीं, विज्ञापन समेत अन्य क्षेत्रों से होने वाली आमदनी भी प्रभावित हो रही है। विज्ञापन एजेंसियां भी होर्डिंग और अन्य तरीके से विज्ञापन के स्थान लेने से कतरा रही हैं। वैसे, निगम की कोशिश है कि इस साल वो घाटे से उबर जाए। मगर, अधिकारियों की मानें तो कोरोना की दूसरी लहर की वजह से उसके इस साल मुनाफे में रहने वाले अभियान को झटका लगा है। जानकारों का कहना है कि अगर इस साल कोरोना की तीसरी लहर आ जाएगी तो एक अरब 18 करोड 9 लाख 31 हजार 374 रुपये का पिछले साल घाटा सहने वाले निगम को इस साल आमदनी के लिहाज से बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है। कहा जा रहा है कि अगर सभी इमारतों को होल्डिंग टैक्स के दायरे में लाने में नगर निगम कामयाब रहा तो वह काफी हद तक घाटे से उबर सकता है।

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