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किसान ने कर्ज के भुगतान के लिए 40 हजार का बैल 26 हजार में बेचा

किसानों के समाधि सत्याग्रह के दूसरे ही दिन हुआ यह मामला

किसान ने कर्ज के भुगतान के लिए 40 हजार का बैल 26 हजार में बेचा

राजनीतिक दल के नेताओं ने की किसान से मुलाकात

दीपक भगत, चंदवा, लातेहार (झारखंड) : बैंक से लिए गए कर्ज भुगतान के लिए एक किसान ने 40 हजार का बैल 26 हजार में बेच डाला। यह वाक्या किसान समाधि सत्याग्रह के खत्म होने के दूसरे ही दिन हुआ। किसान खदिया उरांव (कुसुमटोली) की मानें तो 26 फरवरी को बैंककर्मी उनके घर पहुंचे और ऋण भुगतान करने के लिए दवाब बनाया। भुगतान नहीं करने की स्थिति में कारवाई करने की चेतावनी दी। ऋण भुगतान करने के लिए वह पहले से ही प्रयासरत था। समाधि सत्याग्रह के बाद उसे लगा था कि  अब उसकी खेती का आधार, बैल बच जाएगा। उसकी मानें तो बैंक प्रबंधन द्वारा ऋण वसूली के दवाब के बीच उसने वैसा किया है। किसान ने बताया कि खेती के लिए बैंक ऑफ इंडिया से उसने 25,000 (पचीस हजार रुपए) केसीसी ऋण लिया था। माॅनसून की अनियमितता के कारण उसकी फसल बर्बाद हो गई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह कर्ज अदा नहीं कर पाया। बैंक वाले कहकर गए हें कि 25 फरवरी तक ऋण जमा करने पर पचीस हजार लगेगा। उसके बादं एकतालीस हजार लगेगा। जमा नहीं करने पर कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगाना होगा। जेल भी जाना पड़ सकता है। घर की कुर्की जब्ती भी हो सकती है। ऐसे में उसके पास और कोई चारा नहीं बचा था।दो दिन पूर्व ही किसानों ने किया था समाधि सत्याग्रह:  प्रखंड के कई किसानों ने दो दिन पूर्व 24 फरवरी को ऋण वसूली के लिए बैंक प्रबंधन द्वारा बनाए जा रहे दवाब और कर्ज माफी के लिए समाधि सत्याग्रह किया था। ऋण वसूली में सख्ती के खिलाफ व कर्जमाफी को लेकर जमीन में कब्र खोदकर उसमें समाधि लेने की बात कही थी। किसानों के समाधि सत्याग्रह के दौरान बीडीओ अरविन्द कुमार की टीम समाधि स्थल पहुंचे थी और किसानों को आश्वस्त किया था कि बैंक प्रबंधन द्वारा ऋण वसूली के लिए दवाब नहीं बनाया जाएगा। समाधि सत्याग्रह के दो दिन भी नहीं बीते कि बैंक प्रबंधन द्वारा फिर दवाब बनाना शुरू कर दिया।विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने किसान से की मुलाकात:  बैंक के लिए गए कर्ज के भुगतान के लिए बैलों को बेचे जाने की सूचना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने किसान खदिया उरांव से मुलाकात की। माकपा के पूर्व जिला सचिव सह झारखंड राज्य किसान सभा के जिलाध्यक्ष अयूब खान, झामुमो के सीतमोहन मुंडा, समाजिक कार्यकर्ता सुरेश उरांव, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष असगर खान, बाबर खान आदि किसान के घर पहुंचे और वस्तुस्थिति की जानकारी ली। इसके बाद बीडीओ को मामले से अवगत कराया। कर्जमाफी ही किसानों को देगी राहत:  झारखंड राज्य किसान सभा के जिलाध्यक्ष अयूब खान ने कहा है कि कर्जमाफी ही किसानों को राहत दे सकती है। सरकार चुनावी घोषणा पर अमल करे और कर्जमाफी कर किसानों को समाधि सत्याग्रह के कब्र से बचाए। कहता है बैंक प्रबंधन: शाखा प्रबंधक की अनुपस्थिति में मौजूद कर्मी ने बताया कि शीर्ष प्रबंधन द्वारा ऋण वसूली के लिए उनपर दवाब बनाया जाता है। जहां तक ऋण माफी की बात है तो सरकार के आदेश पत्र के अनुसार कारवाई की जाएगी। कर्ज धारकों को भी बैंक की मजबूरी का ध्यान रखना चाहिए। कहते हैं बीडीओ: बीडीओ अरविन्द कुमार ने बताया कि संबंधित किसान के बार में जानकारी ली जा रही है। बैल बेचकर ऋण भुगतान नहीं करना है। बैंक कर्मियों को ऋण वसूली में किसानों को परेशान नहीं करने की बात कही गई है। संबंधित विभाग को किसानों की समस्या से अवगत कराने की प्रक्रिया पर अमल कर दिया गया है।

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