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गढ़वा : पोस्टमार्टम के बाद रांची लाया जा रहा ब्रांच मैनैजर का शव

आत्महत्या के पीछे का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है

गढ़वा (झारखण्ड) : भारतीय स्टेट बैंक की श्री बंशीधर शाखा में कार्यरत मुख्य प्रबंधक चंदन कुमार का शव गढ़वा से रांंची लाया जा रहा है। 4 बजे तक शव के रांची पहुंचने की संभावना है। इसके पहले अररिया में बैंक में कार्यरत चंदन के भाई कुंदन कुमार के गढ़वा पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया। आत्महत्या के पीछे का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इस मामले में जांच की जा रही है। एसडीपीओ प्रमोद कुमार केशरी व थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम हो गया है। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

इधर, ब्रांच मैनेजर चंदन कुमार के आत्महत्या करने की खबर सुनकर बैंककर्मियों में शोक की लहर है। स्टेट बैंक अधिकारी संघ पटना अंचल के अध्यक्ष कमलाकर सिंह, रांची क्षेत्र कमेटी के संजय कुमार सिंह, गढ़वा से राजेश जायसवाल और बड़ी संख्या में अन्य बैंककर्मी कल शाम को ही गढ़वा पहुंच गए थे। मेदिनीनगर के रीजनल मैनेजर राजीव रंजन रत्न भी गढ़वा पहुंचे और अपनी शोक संवेदना जताई। बैंक अधिकारियों ने कहा कि दुख की इस घड़ी में वे चंदन कुमार के स्वजनों के साथ हैं।

भाई कुंदन कुमार भी हैं चीफ मैनेजर

चंदन कुमार के भाई कुंदन कुमार भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में चीफ मैनेजर हैं। वे अररिया मेंं पोस्टेड हैं। घटना की जानकारी मिलते ही वे गढ़वा के लिए रवाना हो गए थे।

पत्नी चली गई थी भागलपुर

चार दिन पहले ही चीफ मैनजेर चंदन कुमार की पत्नी बच्चे के साथ भागलपुर गई थी। भागलपुर में घर में दुर्गा पूजा पर विशेष कार्यक्रम होता है। इसलिए वो पहले चलीं गईं थीं। चंदन ने कहा था कि वो भी एक-दो दिन में पहुंच जाएंगे। गुरुवार को चंदन बैंक की एक बैठक में भाग लेने मेदिनीनगर गए थे। बैठक में भाग लेने वाले साथियों का कहना है कि इस दौरान कहीं से वो मानसिक रूप से परेशान नहीं लग रहे थे।

रांची के चेशायर होम रोड में रहता है परिवार 

चंदन कुमार का परिवार रांची के बरियातु के चेशायर होम रोड में है। उनकी मौत की खबर सुनने के बाद इलाके के लोग गमगीन हैं।

कल कर ली थी आत्महत्या

गढ़वा पुलिस के अनुसार चंदन कुमार गढ़वा रेलवे स्टेशन के निकट प्रोफेसर ब्रह्मदेव सिंह के आवास में पत्नी के साथ किराये पर रहते थे। मूल रूप से बिहार के भागलपुर जिले के नारायणपुर के रहने वाले थे। उनके बैंक के वाहन चालक पंकज कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि शनिवार दोपहर 2:30 बजे साहब की पत्नी ने फोन कर कहा कि उनसे बात नहीं हो पा रही है। आवास पर जाकर बात कराओ। जब यहां आया तो काफी देर तक दरवाजा खटखटता रहा। बेल बजाता रहा, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आयी। मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। जब रेलिंग के सहारे खिड़की खोलकर अंदर गया, तो देखा कि वो पंखे से लटक रहे थे।

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