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झारखंड में अब दूसरे चरण में 42 प्लाट के लिए 218 एकड़ भूमि की होगी नीलामी

रांची स्मार्ट सिटी कारपोरेशन ही पास करेगा स्मार्ट सिटी में प्रस्तावित इमारतों का नक्शा

नक्शे के लिए निवेशकों को नहीं लगाना पड़ेगा रांची नगर निगम का चक्कर

बीएनआर चाणक्य होटल में स्मार्ट सिटी कारपोरेशन के भूखंडों की दूसरे चरण की नीलामी के लिए आयोजित हुई इन्वेस्टर्स समिट

रांची (झारखंड) : रांची स्मार्ट सिटी क्षेत्र में प्रस्तावित इमारतों का नक्शा स्मार्ट सिटी कारपोरेशन के अधिकारी ही पास करेंगे। निवेशकों को इमारतों का नक्शा पास कराने के लिए रांची नगर निगम का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। नक्शा पास करने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा और बिना भाग दौड़ के नक्शे को मंजूरी दी जाएगी। निवेशकों को इस बात की जानकारी नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय चौबे ने बीएनआर चाणक्य होटल में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों को दी। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में 42 प्लाट के लिए 218 एकड़ भूमि की नीलामी की जा रही है। कामर्शियल क्षेत्र में 16 प्लाट हैं। शैक्षणिक क्षेत्र के लिए 10 प्लाट रखे गए हैं। मिक्स यूज सेक्टर में 14 प्लाट रखे गए हैं। पब्लिक और सेमी पब्लिक सेक्टर के लिए दो प्लाट हैं। उन्होंने कहा कि नीलामी की प्रक्रिया में लोग घर बैठे भाग ले सकते हैं। रांची स्मार्ट सिटी कारपोरेशन के सीईओ अमित कुमार ने कहा कि नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए किसी को स्मार्ट सिटी कारपोरेशन के दफ्तर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां तक कि भूखंड का आवंटन लेटर भी निवेशक के घर तक ईमेल कर दिया जाएगा। निवेशक जो भी भूखंड लेगा कंटीले तार से जमीन को घेर कर उसे जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने निवेशकों को जानकारी दी कि एक एकड़ भूखंड का बेस प्राइस 4 करोड़ 14 लाख रुपया रखा गया है। उन्होंने बताया कि यहां 500 बेड का अस्पताल भी बनेगा। रांची स्मार्ट सिटी में पार्क भी विकसित होंगे। अभी यहां पार्क और हरियाली स्थापित करने का काम नहीं किया जा रहा है।

इमारतें बनने के बाद शुरू होगा पार्क और ग्रीनरी का काम

अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट सिटी में जब इमारतें बनकर तैयार हो जाएंगी, इसके बाद पार्क और ग्रीनरी का काम शुरू होगा। रांची स्मार्ट सिटी कारपोरेशन में दिसंबर तक सभी सड़कें बन कर तैयार हो जाएंगी। हर भूखंड तक जाने के लिए सड़क बन जाएगी। हरमू हॉस्पिटल के प्रतिनिधि ने रांची स्मार्ट सिटी कारपोरेशन के अधिकारियों को बताया कि उन्होंने मेडिकल कॉलेज के लिए 11 एकड़ जमीन का प्रावधान किया है। जबकि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता के लिए मेडिकल कॉलेज के पास कम से कम 25 एकड़ जमीन चाहिए।

राज हॉस्पिटल के चेयरमैन ने उठाया सवाल

राज हॉस्पिटल के चेयरमैन ने सवाल उठाया कि स्मार्ट सिटी में 500 बेड के अस्पताल का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 15 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि 500 बेड के लिए 15 एकड़ जमीन बहुत ज्यादा है। निवेशक अगर 60 से 70 करोड़ रुपया जमीन पर ही लगा देंगे तो अस्पताल का आधारभूत ढांचा कैसे तैयार होगा। उन्होंने कहा कि 300 बेड का अस्पताल 60 लाख रुपये की लागत से तैयार हो जाता है। अस्पताल बनाने के इच्छुक एक अन्य निवेशक ने अस्पताल के लिए शैक्षणिक संस्थान की तरह एक रुपये के टोकन मनी में भूखंड देने की मांग की।

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