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झारखण्ड:नगर मंदिर के सेवायत मुंजिमकार परिवार का बेटा बना डिप्टी कलेक्टर

नगर मंदिर के सेवायत मुंजिमकार परिवार का बेटा बना डिप्टी कलेक्टर

मेरी जान तिरंगा है,मेरी शान तिरंगा…मोबाइल रिंग टोन रखने वाले मनोज ने मां-पिता के साथ परिजनों को दिया सफलता का श्रेय

चंदवा, लातेहार (झारखंड) : शक्ति पीठ के रूप में विख्यात मां उग्रतारा नगर मंदिर के सेवायत मुंजिमकार परिवार के बेटे मनोज कुमार मिश्र को जेपीएससी में मिली सफलता से पूरे परिवार के साथ जिलेवासी गदगद हैं।श्री मिश्रा नगर मंदिर के पुजारी सह चंदवा में जगत मोहन जगधात्रीनाथ महाविद्यालय के प्राचार्य रहे परमानंद मिश्रा व माधुरी देवी के पुत्र हैं।इनकी आरंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय टुढ़ामू और प्लस टू उच्च विद्यालय चंदवा में हुई। इसके बाद इंटर और स्नातक की परीक्षा रांची विश्वविद्यालय से ग्रहण की। इन्होंने मैट्रिक की परीक्षा 1992, इंटर 1994, स्नातक 1998, बीएड 2009 और एलएएलबी की परीक्षा 2012 में उतीर्ण की। इसके बाद प्रतियोगिता की परीक्षा में सम्मिलित होने का लक्ष्य बनाया। छठी जेपीएससी की परीक्षा में 74 वां रैंक आया है। इनका चयन डिप्टी कलक्टर के पद पर हुआ है।

रात में अचानक मिली रिजल्ट की सूचना

मेरी जान तिरंगा है, मेरी शान तिरंगा…मोबाइल रिंग टोन रखने वाले मनोज ने बताया कि मैं रात को सोने से पहले टहल रहा था तभी एक मित्र का फोन आया।उसने ही रिजल्ट के बारे में जानकारी दी कि तुम्हारा सलेक्शन हो गया है, पहले तो मुझे विश्वास नहीं हुआ लेकिन जब खुद आंखों से देखा तब यकीन हो गया। इसके बाद सभी बड़ों का चरण छू कर आशीर्वाद लिया और बाकि लोगों से दूरभाष पर बात कर आशीष लिया।

घड़ी देखकर नहीं सिलेबस देखकर की पढ़ाई

मनोज ने बताया कि सबसे पहले यह मन में ठान लें कि आपको इस फील्ड में जाना है।फिर पेशेंस रखना बहुत जरुरी है इसके लिए आपको टाइम देना होगा और घरवालों का आप पर भरोसा होना भी बहुत जरूरी है।स्टडी शेड्यूल के बारे में मनोज ने बताया कि वो सुबह ही पढ़ाई करते हैं। घंटे देखकर नहीं बल्कि सिलेबस पूरा करने का उद्देश्य रहता है। परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने रोजाना करीब 3 से 6 घंटे तक पढ़ाई की थी।

विधायक-सांसद ने दी बधाई 

मनोज को मिली सफलता के बारे में जानकारी मिलने पर लातेहार विधानसभा क्षेत्र के विधायक बैद्यनाथ राम व चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुनील कुमार सिंह ने मनोज और उनके परिजनों से बात कर बधाई दी।विधायक और सांसद ने मनोज को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

वर्तमान में शिक्षक के पद पर हैं कार्यरत 

मनोज ने बताया कि द्वितीय सिविल सेवा की परीक्षा में भी ये साक्षात्कार तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम रूप में सफलता प्राप्त नहीं हो सकी थी। वर्तमान में राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय बनहरदी में सहायक विज्ञान शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।फरवरी 2019 में इन्होंने उक्त विद्यालय में योगदान दिया था। इससे पूर्व वो झारखंड उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कार्य कर चुके हैं। प्राथमिक शिक्षक निुयक्ति परीक्षा और हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में भी ये सफल हो चुके हैं।

नगर मंदिर के सेवायत मुंजिमकार ने जो कहा 

मां उग्रतारा नगर मंदिर के सेवायत मुंजिमकार पं. गोविंद वल्लभ मिश्र ने कहा कि आज हमारे के लिए गौरव का क्षण मनोज की बदौलत आया है।मां जगदंबा से यही प्रार्थना है कि मां भगवती की कृपा से घर परिवार के बच्चों के साथ पूरे जिले के बच्चे निरंतर तरक्की कर इलाके को गौरवान्वित करते रहें।

जेपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले मनोज कुमार मिश्र से indiaprimenews.in ने विस्तार से बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश।

प्र. आपने सफलता हासिल करने के लिए परीक्षा की तैयारी किस तरह की?

उ. सबसे पहले मैं इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, अपने पुजारी परिवार और गुरुजनों को दूंगा। सफलता बड़ी है तो इसके लिए मेहनत भी बहुत की गई।

प्र. कब शुरू कर दी थी तैयारी?

उ. बचपन से ही यह सपना था कि प्रशासनिक सेवा में जाना है, इसके लिए मैं हमेशा वर्षों से कोशिश में लगा रहा। कई बार लोगों ने निगेटिव बात की लेकिन मैं कभी निराश नहीं हुआ।

प्र. आगे के लिए क्या प्लानिंग रहेगी, सफलता के बाद मन में क्या विशेष विचार आ रहे हैं?

उ. प्रशासनिक सेवा के माध्यम से ही जनसेवा करूंगा, आम जनता की समस्याओं का निदान करने में ही 24 घंटे सक्रिय रहने के लिए मन में ठान लिया हूं।

प्र. यहां के विद्यार्थियों के लिए क्या संदेश देंगे?

उ. सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, लक्ष्य निर्धारित करें। मन लगाकर तैयारी करें हर हाल में सफलता आपके पास आएगी।

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