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नवरात्र के पूर्व पूजन सामग्रियों के बाजार में लौटेगी रौनक

तैयारी में जुटे पूजन सामग्रियों के विक्रेता, इस वर्ष अच्छे कारोबार की उम्मीद

रांची (झारखण्ड) : शारदीय नवरात्र सात अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। लोग धूमधाम एवं परंपरानुसार माता की आराधना करते हैं। कोरोना के कारण पिछला नवरात्र कुछ खास नहीं रहा। लेकिन इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा बाजार आदि खोलने को लेकर छूट दी गई है। लिहाजा नवरात्र को लेकर पूजन सामग्रियों के विक्रेता भी अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। फिलहाल पितृ पक्ष चल रहा है। बाजार में वह रौनक नहीं लौटी है, जिसकी विक्रेता अपेक्षा रखते हैं।

हालांकि, विक्रेताओं का कहना है कि इस माह की समाप्ति के बाद ही बाजार में भीड़ बढ़ने लगेगी। पूजन सामग्री के विक्रेताओं की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। मां की चुनरी, मुकुट, माला, आसन, वस्त्र सहित अन्य सामग्रियों का संग्रह करने लगे हैं। अपर बाजार स्थित महावीर चौक, गांधी चौक, चिरुवाला, भगवत साव स्ट्रीट आदि में पूजन सामग्रियों की कई दुकानें हैं। इसके अलावा लालपुर, कोकर बाजार, पिस्का मोड़, कांटाटोली सहित शहर के अन्य क्षेत्र में स्थित पूजन सामग्रियों की दुकानों की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। अब इंतजार ग्राहकों का है।

इस वर्ष पूजा समितियों की भी रहेगी सहभागिता

पिछले साल कोरोना संक्रमण के कारण पूजा पंडाल निर्माण को लेकर सरकार द्वारा तय किए गए नियमों के कारण पूजा समितियों द्वारा सीमित मात्रा में ही पूजन सामग्रियों की खरीदारी की गई थी। हालांकि इस साल भी कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए पूजा करने का निर्देश मिला है। लेकिन कुछ छूट मिलने से विक्रेता बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद कर रहे हैं। पिछले साल पूजन सामग्रियों के कारोबार में 60-70 प्रतिशत की गिरावट आई थी। विक्रेताओं का कहना है कि इस बार पूजन सामग्रियों की खरीदारी में पूजा समितियों की बढ़-चढ़कर सहभागिता रहेगी।

वाराणसी-पटना सहित अन्य स्थानों से होती है चुनरी, माला आदि की आवक

नवरात्र हिंदुओं का पवित्र त्यौहार होता है। लिहाजा भक्त इन नौ दिनों के दौरान मां की सेवा में कोई कसर नहीं छोडऩा चाहते हैं। ऐसे में, मां से जुड़ी सामग्रियों की मांग भी विशेष रहती है। शहर में वाराणसी, पटना, मथुरा, वृंदावन, कोलकाता आदि स्थानों से मां की चुनरी, मुकुट, माला, वस्त्र आदि की आवक होती है। जरी, नग, मोती, रिबन आदि से निर्मित डिजायनर चुनरी, वस्त्र एवं माला की अधिक मांग रहती है। विभिन्न साइज एवं डिजायन के मुताबिक इन उत्पादों की कीमत होती है। उड़ुल फूल की माला की विशेष मांग होती है। वहीं, आसन, कलश, दीया, रेहल (बुक स्टैंड) आदि भी लोग खरीदते हैं

पूजन सामग्रियां एवं उनकी कीमत

माता की चुनरी (सामान्य से डिजायनर) – 30 से 5000 तक।
माला (सामान्य से डिजायनर) – 10 से 1000 तक।
उड़हुल फूल की माला – 20 से 250 तक।
वस्त्र (सामान्य से डिजायनर) – 100 से 3000 तक।
आसन – 5 से 500 तक।
कलश – 20 से 150 तक।
दीया – 02 से 50 तक।

कोट-
सरकार द्वारा छूट मिलने से इस बार उम्मीद है कि पिछले साल के मुकाबले नवरात्र का बाजार अच्छा होगा। हमलोग भी तैयारियां कर रहे हैं। उम्मीद है अगले महीने से पूजन सामग्रियों के बाजार में रौनक का माहौल रहेगा।
राहुल गुप्ता, विक्रेता, महावीर चौक, अपर बाजार

पिछले साल से कोरोना को झेल रहे हैं। लेकिन इस दौरान लोगों में ईश्वर के प्रति आस्था भी बढ़ा है। उम्मीद करते हैं कि यह नवरात्र रांची के लोग पूरे उत्साह के साथ मनाएंगे। इससे बाजार में भी रौनक लौटेगी।
संजय कुमार जैन, गांधी चौक, अपर बाजार।

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