ताज़ान्यूज़राष्ट्रीय

पलामू में 33 लाख की स्प्रिट बरामद, मकान मालिक गिरफ्तार

झारखंड-बिहार पुलिस टीम की बड़ी कार्रवाई

पलामू (झारखण्ड) : पलामू जिला के छतरपुर और बिहार की उत्पाद और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरूवार की सुबह कार्रवाई कर तस्करी कर भारी मात्रा में रखे गए स्प्रिट को पकड़ा। छतरपुर थाना क्षेत्र के चौखड़ा गांव के बरछाही टोला से 560 गैलन स्प्रिट बरामद किया गया। कुछ खाली गैलन भी बरामद हुए हैं। बिहार में शराब बनाने के लिए स्प्रिट का स्टॉक किया गया था और यहां से चोरी छिपे बिहार में तस्करी कर भेजा जाता था। इस सिलसिले में मकान मालिक लल्लू यादव, पिता तपेश्वर यादव को गिरफ्तार किया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। उसने कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं।

बरामद स्प्रिट की कीमत झारखंड में 33 लाख 60 हजार है

जानकारी के अनुसार छतरपुर-करमाचराई मुख्य पथ के चौखड़ा गाँव के बरछाही निवासी लल्लू यादव के घर में गुरूवार की सुबह छतरपुर और बिहार की उत्पाद और पुलिस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। इस दौरान लगभग 560 गैलन स्प्रिट बरामद हुआ। इस मामले में छतरपुर पुलिस ने मकान मालिक लल्लू यादव को मौके से गिरफ्तार किया। टीम में शामिल बिहार पुलिस के इंस्पेक्टर नवीन कुमार ने बताया कि छानबीन में पता चला है कि बरामद स्प्रिट की झारखंड में कीमत 33 लाख 60 हजार रूपए है। एक गैलन स्प्रिट (40लीटर) स्प्रिट 6 हजार रूपय में यहां खरीदा जाता है।

मकान मालिक को होती थी एक लाख महीने की कमाई

मौके पर मौजूद लल्लू यादव की पत्नी समुद्री देवी ने बताया कि नबीनगर (बिहार) निवासी विजय सिंह के द्वारा किराया पर यह कह कर मकान लिया गया था कि इसमें सड़क निर्माण में लगने वाले कैमिकल्स रखा जाएगा। यहां करीब दो वर्ष से स्प्रिट की खेप रखने और उसकी तस्करी का काला खेल चल रहा था। गैलेनों को लल्लू यादव की देखरेख में उसके घर में रखा जाता था और फिर रात में अंधेरे में तस्करी की जाती थी। आए दिन दो लोग मोटरसाइकिल से आते थे और देखकर चले जाते थे। लल्लू यादव को इसमें प्रत्येक माह एक लाख की तक की कमाई हो रही थी। स्प्रिट खरीदने में नौडीहा बाजार के चंदन कुमार गुप्ता का पैसा लगा था।

तस्करों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज : थाना प्रभारी

छतरपुर थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि लगभग 560 गैलन स्प्रिट (एक गैलन में लगभग 40 लीटर) और कुछ खाली गैलन मकान से बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिस मकान से स्प्रिट बरामद हुए हैं, उसके मालिक लल्लू यादव को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान उसके बयान संदेहास्पद लगते हैं। इससे इस अवैध धंधे में उसकी भी भूमिका संदिग्ध लगती है। स्प्रिट से शराब तैयार करने और उसकी तस्करी में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। कार्रवाई तेज की गयी है।

कैसे हुआ खुलासा

दरअसल, छतरपुर-करमाचराई मुख्य पथ के चौखडा गाँव के बरछाही निवासी लल्लू यादव के घर में बने गोदाम से स्प्रिट की देर रात तस्करी की जाती थी। नबीनगर (बिहार) निवासी विजय सिंह यहां से स्प्रिट को बार्डर पार कराता था। बिहार में पंचायत चुनाव के कारण शराब की तस्करी पर कड़ाई बरती गयी थी। इसी क्रम में बिहार के आमस थाना क्षेत्र में एनएच 2 पर दो दिन पूर्व एक पिकअप में तस्करी कर ले जाए जा रहे 100 गैलन स्प्रिट को पुलिस ने पकड़ी। पूछताछ के दौरान पिकअप चालक ने उपरोक्त अड्डे का खुलासा किया। इसके बाद यहां बिहार-झारखंड की पुलिस ने कार्रवाई की।

बिहार में स्प्रिट की कीमत अलग अलग है

बिहार में झारखंड के स्प्रिट की कीमत अलग अलग है। सीमावर्ती औरंगाबाद में एक गैलन स्प्रिट की कीमत 10 हजार रूपये है। इसी तरह अगर एक गैलन स्प्रिट अगर पटना में मिले तो उसकी कीमत 17 हजार रूपये हो जाती है। गंगा पार के जिलों में इसी स्प्रिट को 25 हजार रूपये में बेचा जाता है।

बिहार का सबसा बड़ा शराब तस्कर सीताराम राय की है भूमिका

झारखंड से स्प्रिट की खेप मंगाने में बिहार का सबसे बड़ा शराब माफिया सीताराम राय की भूमिका सामने आयी है। उसने ही झारखंड में शराब तस्करी और स्प्रिट का प्रबंध करने के लिए अपने आदमी लगा रखे हैं। इसमें करोड़ों का इंवेस्ट किया गया है। पिछले दिनों इस शराब माफिया के ठिकानों से 500 करोड़ की संपति पकड़ी गयी थी। शराब माफिया सीताराम राय मुजफ्फरपुर जिले के दिनायपुर का रहने वाला है।

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker