ताज़ादुनियान्यूज़राजनीतिराष्ट्रीय

पुलिसिया तंत्र और गुंडागर्दी के सहारे राज करना चाहती है मोदी-योगी सरकार : अयूब

लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में किसानों ने जलाया योगी सरकार का पुतला

किसानों की हत्या के खिलाफ झारखंड राज्य किसान सभा और माकपा ने धरना प्रदर्शन किया

मृतकों के आश्रितों को 5-5 करोड़ मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी देने की मांग रखी

लातेहार (झारखण्ड) : यूपी के लखीमपुर खीरी में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को केन्द्रीय राज्यमंत्री के बेटे द्वारा दो वाहनों से कुचलकर हत्या किए जाने पर किसानों में भारी रोष है. इस मामले को लेकर माकपा और झारखंड राज्य किसान सभा से जुड़े किसानों ने लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड के कामता पंचायत सचिवालय परिसर में सोमवार को झारखंड राज्य किसान सभा के जिलाध्यक्ष अयूब खान और माकपा जिला सचिव सुरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कर केन्द्र की भाजपा सरकार और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला जलाया. प्रदर्शन में किसानों ने किसानों की हत्यारा योगी सरकार होश में आओ, किसानों की हत्या करना बंद करो, कृषि बिल वापस लो आदि नारे लगाए. इसके पूर्व घटना में मृत किसानों के प्रति एक मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी. परिजनों के प्रति शोक प्रकट किया गया. सभा की अध्यक्षता रसीद मियां कर रहे थे.

सभा में शामिल किसानों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष अयूब खान ने कहा कि केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली नरेंद्र मोदी सरकार अंग्रेजी शासन से भी ज्यादा अत्याचारी है. ऐसा दमन अंग्रेजी हुकूमत में भी नहीं हुआ था. जबसे मोदी सरकार सत्ता में आई है, तबसे अन्नदाता किसानों और आमजनों का उत्पीड़न किया जा रहा है. आज लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है. किसान अपने हक अधिकार और खेती किसानी बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो उन्हें गाड़ी से कुचलकर हत्या किया जा रहा है. यह घटना किसानों को हतोत्साहित करने, किसान आंदोलन को कुचलने और किसानों पर फर्जी मुकदमे करने का भाजपा सरकार की सोची समझी साजिश है.

जिला सचिव सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि मोदी-योगी सरकार पुलिसिया तंत्र और गुंडागर्दी के सहारे राज्य करना चाहती है. जिस अन्नदाता किसानों का अन्न सरकार खा रही है, उन्हीं किसानों को हिटलरशाही और तानाशाही रास्ते से खत्म करना चाह रही है. सभा में किसानों ने केंद्रीय राज्यमंत्री के बेटे पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने, राज्यमंत्री अजय मिश्रा को पद से बर्खास्त करने, मृतक के परिजनों को पांच-पांच करोड़ मुआवजा देने तथा परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, कृषि कानून वापस लेने की मांग की है.

धरना-प्रदर्शन में ललन राम, पूर्व पंचायत समिति सदस्य फहमीदा बीवी, ग्राम प्रधान पचु गंझु, शाहबान खान, मोफील खान, जहांगीर खान, रियाजुल खान, बड़का खान, युगेश्वर महली, नसीम खान, सरयू महली, राकेश महली, मनोज महली, बालेश्वर महली, राजेंद्र महली, इरफान खान, साहीर खान, लालो देवी, बस़ती देवी, रीना देवी, सिमली देवी, तेतरी देवी, सुकरी देवी, बसंती देवी, राजमुनी देवी, बसन्ती देवी, प्रमीला देवी, मीना देवी, लालो देवी, तेतरी देवी, सिमली देवी, सहूरन बीवी, सरीता देवी, बतुलन बीवी सहित बड़ी संख्या किसान शामिल थे।

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker