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रांची अपर बाजार में फिर सड़क के किनारे खड़े होने लगे वाहन

नो पार्किंग जोन घोषित होने के बावजूद स्थिति पहले जैसे होने लगी

रांची (झारखण्ड) : अपर बाजार को नो पार्किंग जोन घोषित करते हुए अगस्त माह में प्रशासन ने रंगरेज गली एवं सोनार गली के दोनों मुहाने पर बैरिकेडिंग कर घेरा लगा दिया था। इस नई व्यवस्था के तहत सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक बाजार में सिर्फ पैदल की चला जा सकता है। किसी भी वाहन को अंदर ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई थी। इस व्यवस्था को लागू हुए अभी चंद रोज ही हुए हैं। लेकिन एक बार फिर से बाजार में लोग वाहनों को लेकर घुसने लगे हैं। जिससे एक बार फिर से पहले वाली स्थिति नजर आने लगी है। इधर, पूजा बाजार भी अगले माह की शुरुआत से जोर पकडऩे लगेगा। ऐसे में बाजार में भारी भीड़ होगी।

बुधवार को अपर बाजार के रंगरेज गली, सोनार गली, महावीर चौक, पुस्तक पथ आदि इलाके में सड़क किनारे जहां-तहां दो पहिया वाहनों को खड़ा देखा गया। कई कांप्लेक्स के अपने पार्किंग जोन होने के कारण वहां के दुकानदारों के वाहन पार्किंग जोन में रखे थे। लेकिन बाजार आने वाले ग्राहक और दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के वाहन सड़क किनारे खड़े रहे, जो अपर बाजार को नो पार्किंग जोन बनाने की प्रशासन की मंशा पर प्रश्न चिह्न खड़ा कर रहा है।

बैरिकेडिंग तो है, लेकिन नजर नहीं आए पुलिसकर्मी

इधर, रंगरेज गली और सोनार गली के मुहाने पर बैरिकेडिंग तो पहले के जैसे ही रही। लेकिन उसके पास एक भी पुलिसकर्मी नहीं दिखा। इस वजह से लोग न सिर्फ सहजता के साथ अपने दोपहिया वाहनों से आवागमन करते रहे, बल्कि आवश्यकतानुसार दुकानों के सामने गाड़ी खड़ी कर आराम से खरीदारी भी करते नजर आए।

सोनार गली, महावीर गली, गांधी चौक में सड़क किनारे खड़ी दिखीं गाडिय़ां :

दोपहर लगभग दो बजे सोनार गली के मुहाने से दायीं ओर मुडऩे पर एक स्थान पर दो पहिया वाहनों को लोग सड़क किनारे कुछ इस बेतरतीब तरीके से खड़ा करके रखे थे कि उस वजह से आने-जाने में लोगों को परेशानी हुई। महावीर गली में ज्यादा भीड़भाड़ तो नहीं रही। लेकिन वहां भी दुकानों के बाहर कई दोपहिया वाहन खड़े थे। पूछने पर बताया गया कि ग्राहकों की गाडिय़ां हैं। वहीं गांधी चौक पर भी कमोबेश यही स्थिति रही। पुस्तक पथ तो वैसे चौड़ी सड़क है। लेकिन यहां भी रोड किनारे कई वाहन खड़े नजर आए।

इस संबंध में दुकानदारों से पूछने पर उनका कहना रहा कि वे भला कैसे लोगों को रोक सकते हैं। हालांकि, कुछ व्यवसायी प्रशासन की इस कवायद का समर्थन करते हुए कहते हैं कि जब से बाजार को नो पार्किंग जोन घोषित किया गया है, तब से बाजार में चलने के लिए लोगों को सड़कें मिल गई हैं। अन्यथा पहले तो हाल यह था कि हर सड़क पर भारी जाम की स्थिति बनी रहती थी। प्रशासन को इसमें ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए। नहीं तो स्थिति पहले जैसे हो जाएगी।

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