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रांची : शारदीय नवरात्र में माता की भक्ति पर महंगाई का झटका

पूजन सामग्रियों की कीमतों में 20-25 प्रतिशत की आई उछाल

रांची (झारखंड) : आज से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो गया है। बाजार भी सज गए हैं। बुधवार को राजधानी रांची के बाजारों में भीड़ भी उमड़ पड़ी। लेकिन इस नवरात्र में श्रद्धालुओं को माता की भक्ति करने के लिए महंगाई का झटका भी महसूस करना पड़ रहा है। एक ओर जहां पेट्रो उत्पादों में मूल्यवृद्धि के कारण बाहर से आने वाली पूजन सामग्रियों की कीमतों में 20-25 प्रतिशत का उछाल आया है। वहीं, भारी बारिश ने भी रही-सही कसर पूरी कर दी है। फूलों की कीमत में 40-50 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। फलों के दाम में भी 20-25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। श्रद्धालुओं गुरुवार को घरों एवं मंदिरों में कलश की स्थापना की। बुधवार को अपर बाजार, डोरंडा बाजार, लालपुर, हीनू चौक आदि बाजार में अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ तो बढ़ी। लेकिन व्यवसायियों की माने, तो भीड़ के मुकाबले खरीदारी कम ही रही। भीड़ के कारण अपर बाजार अंतर्गत महावीर चौक, गांधी चौक, सोनार गली, नॉर्थ बाजार, पुस्तक पथ आदि में जाम की स्थिति बनी रही। पूजन सामग्री, मिट्टी के बर्तन की दुकान, फल-फूल की दुकानों के अलावा व्रत में प्रयोग होने वाली अन्य सामग्रियों की दुकानों में लोग खरीदारी में जुटे रहे। पंचमी से एक बार फिर बाजार गुलजार होने की उम्मीद है।

एक माह से तैयारियों में जुटे थे विक्रेता

इस नवरात्र के दौरान राज्य सरकार ने कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए दुकान आदि खोलने को लेकर कुछ अतिरिक्त छूट दी है। ऐसे में, पूजन सामग्रियों के विक्रेताओं ने एक माह पहल से ही तैयारियां शुरू कर दी थी। विक्रेताओं ने कोलकाता, वाराणसी, पटना, मथुरा, वृंदावन के अलावा स्थानीय बाजार से भी चुनरी, वस्त्र, आसन, माला, कलश, दीया, पूजन एवं हवन सामग्रियों का संग्रह कर लिया था। बाजारों में ये सारे उत्पाद विभिन्न डिजायन एवं साइज में उपलब्ध हैं।

बंगाल के मेदिनीपुर से होती है फूलों की आवक

रांची में फूलों की आवक मेदिनीपुर से होती है। दो माह से फूलों की कीमत में 40-50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विक्रेताओं का कहना है कि पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि और भारी बारिश के कारण गेंदा, कमल सहित अन्य फूलों की फसल बर्बाद हो गई है। जावा फूल की खेती डूूब गई। इस वजह से फूलों की कीमत में उछाल आई है।

व्रत रखने वालों के फलाहार पर भी महंगाई का असर

नवरात्र में व्रत रखने वाले फलाहार को महत्व देते हैं। लेकिन विगत 15-20 दिनों में फलों की कीमतों में भी 20-25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विक्रेताओं का कहना है कि छठ पूजा तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।

मिट्टी का रेट बढ़कर प्रति गाड़ी 3000 तक पहुंचा

मिट्टी का रेट प्रति गाड़ी 2000 से 3000 रुपये तक पहुंच जाने के कारण मिट्टी के बर्तनों की बिक्री करने वालों के चेहरे पर मायूसी छाई रही। महावीर चौक पर इन उत्पादों के विक्रेताओं ने कहा कि पहले जहां मिट्टी 500 से 1000 रुपये प्रति गाड़ी उपलब्ध थी, वहीं विगत एक साल से प्रति गाड़ी 2000-3000 में मिट्टी खरीदनी पड़ती है। कम मुनाफे पर उत्पादों को बेचना पड़ रहा है।

पूजन सामग्रियों के मूल्य

माता के वस्त्र : 100 से 3000 रुपये तक।
माता की तस्वीर : 20 से 450 रुपये तक।
चुनरी : 5 से 600 रुपये तक।
माला : 5 से 500 रुपये तक।
आसन : 5 से 200 रुपये तक।
हवन कुंड : 120-150 रुपये तक।
मेटल चौकी : 550 से 600 रुपये तक।
मिट्टी का कलश : 15 से 50 रुपये तक।
दीया : 80-120 प्रति सैकड़ा।
मिट्टी की धूपदानी : 20-60 रुपये तक।
मिट्टी का तावा : 30 से 60 रुपये तक।
छेद वाली हांडी : 70-80 रुपये तक।
सखुआ का पत्तल : 20-30 प्रति बंडल।
सखुआ का दोना : 20-25 प्रति बंडल।

फलों की कीमत

अनानास : 70 से 100 रुपये प्रति पीस।
नारियल : 25 रुपये प्रति पीस।
सूखा नारियल : 10 रुपये प्रति पीस।
केला : 40 से 50 रुपये प्रति दर्जन
अमरूद : 80 से 160 रुपये प्रति किलो।
सेव : 80 से 250 रुपये प्रति किलो।
संतरा : 80 से 120 रुपये प्रति किलो।
अनार : 100 से 200 रुपये प्रति किलो।
नाशपाती : 80 से 120 रुपये प्रति किलो।
सीताफल : 40 से 120 रुपये प्रति किलो।
मिश्रीकंदा : 20 से 60 रुपये प्रति किलो।

फूलों के दाम

उड़हुल (जावा) : 20 से 40 रुपये प्रति पीस।
गेंदा : 30 रुपये प्रति पीस।
कमल : 15 से 25 रुपये प्रति पीस।
कलश बुके : 50 से 70 रुपये प्रति पीस।
रजनीगंधा : 15 से 35 प्रति लड़ी।

ये कहते हैं विक्रेता

पिछले साल के मुकाबले पूजन सामग्रियों के बाजार में भीड़ बढ़ी है। लेकिन उम्मीद के मुताबिक फ्लो नहीं है। सत्यपाल, विक्रेता, हीनू चौक।

पिछले साल से थोड़ा बेहतर है पूजन सामग्रियों का बाजार। पंचमी से नवमी तक अच्छे कारोबार की उम्मीद है। मुकेश कुमार, विक्रेता, हीनू चौक।

विगत वर्ष पूजन सामग्रियों का बाजार उम्मीद के मुताबिक नहीं था। इस बार कुछ बेहतर की उम्मीद है। मोनिका गोंड, तुलसी चौक, डोरंडा बाजार।

कलश स्थापना में सखुवा का पत्तल और दोना की जरूरत भी पड़ती है। इस नवरात्र में अच्छे कारोबार की उम्मीद है। यशोदा देवी, डोरंडा बाजार।

बाजार में धीरे-धीरे रौनक आ रही है। कलश स्थापना के बाद पंचमी से नवमी तक ग्राहकों की आवक रहेगी। पीके विजय, डोरंडा बाजार।

पेट्रो उत्पाद मूल्यवृद्धि एवं बारिश के कारण फूल बाजार में महंगाई का असर है। लेकिन उम्मीद है कि नवरात्र में अच्छा कारोबार होगा।
संजीव मालाकार, डोरंडा बाजार।

फलों की कीमत में 20-25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। हालांकि पूजा के लिए लोग अपनी क्षमता के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं।
मो. शाहबाज, डोरंडा बाजार

मार्केट पहले जैसा नहीं है। अपर बाजार में बड़ी समस्या पार्किंग की है। लोग गाड़ी कहीं और छोड़कर नहीं आना चाहते हैं।
संजय गुप्ता, महावीर चौक, अपर बाजार।

मिट्टी महंगी हो गई है। लिहाजा मिट्टी के बर्तनों के दाम भी बढ़े हैं। ग्राहक मोल-भाव करने लगते हैं, तो कम लाभ पर सामान देना पड़ता है।
संगीता देवी, महावीर चौक, अपर बाजार।

भीड़ तो बढ़ी है। लेकिन बाजार पहले जैसा नहीं है। मिट्टी के दाम बढऩे से हमलोग भी परेशान हैं। रवि प्रजापति, महावीर चौक, अपर बाजार।

फलों की कीमत में 20 दिन पहले वृद्धि हुई है। लोग जरूरत के मुताबिक फल खरीद रहे हैं। साबिर, लालपुर।

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