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सरकारी खर्चे पर विदेशों में उच्च शिक्षा हासिल करेंगे झारखंड के छह आदिवासी छात्र

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अनोखी पहल की राज्यभर में हो रही प्रशंसा

रांची (झारखण्ड) : उच्च शिक्षा में असमानता को पाटने की दिशा में झारखंड सरकार ने अभिनव प्रयोग किया है। आदिवासी छात्रों को सरकारी खर्च पर विदेश में उच्च शिक्षा दिलाने में झारखंड देश का पहला राज्य बन गया है। इसके लिए छह छात्रों का चयन भी किया गया है। ये सभी छात्र विदेश में स्थित पांच विश्वविद्यालयों में अध्ययन करेंगे।

23 सितंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विदेश में उच्च शिक्षा के लिए चयनित छात्रों और उनके परिवार के सदस्यों का अभिनंदन करेंगे। बता दें कि राज्य सरकार ने 29 दिसंबर, 2020 को मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा प्रवासी छात्रवृत्ति योजना शुरू की है। इसमें झारखंड के 10 आदिवासी छात्रों को सभी वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान है, जो चुनिंदा 15 शीर्ष विश्वविद्यालयों में पोस्ट ग्रेजुएट और एमफिल करना चाहते हैं।

योजना को राज्य सरकार ने दूरदर्शी आदिवासी नेता जयपाल सिंह मुंडा को श्रद्धांजलि बताया है, जो विदेश में अध्ययन करनेवाले पहले आदिवासी छात्र थे। उन्होंने 1922 में सेंट जॉन्स, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पीपीई (राजनीति, दर्शन और अर्थशास्त्र) में बीए कोर्स ज्वाइन किया था। सरकार की अनोखी इस पहल की राज्य के आदिवासी विद्यार्थियों ने प्रशंसा की है।

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