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35 दिनों में आक्रामक हाथियों ने ली है चार लोगों की जान

35 दिनों में आक्रामक हाथियों ने ली है चार लोगों की जान,पांचवीं लड़ रही जिदंगी व मौत से जंग सैकड़ों एकड़ भूमि पर लगी फसलों को

जंगली हाथियों ने किया है नष्ट, कई घरों को किया है ध्वस्त

लातेहार,(झारखंड):लातेहार जिले के चंदवा में आक्रामक हुए जंगली हाथियों ने 35 दिनों में चार लोगों की जान ले ली है जबकि पांचवीं जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही है। 28 अगस्त की रात्रि माल्हन पंचायत से सटे मोचीटोला (ढांेठी, डुमारो) गांव के किनारे पार्टी कर रहे एक युवक अनीत टोप्पो (पिता नाबोर प्रभात टोप्पो, चंदवा), 24 अगस्त की रात चकला में मुलिया मासोमात (पति स्व. नान्हू यादव, महुआटाड़, चकला), 13 अगस्त की रात्रि जंगली हाथियों के समूह से बिछड़े एक हाथी ने डुमारो पंचायत के सूदूरवर्ती ढोंटी गांव में दीवाली गंझू नामक व्यक्ति को पटक मार डाला तो दीवाली की पत्नी उगनी देवी को भी सूंढ़ से लपेटकर दूर फेंक दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। जो अब भी इलाजरती है। 24 जुलाई को भी थाना क्षेत्र के मरमर (माल्हन) गांव में जंगली हाथियों ने चैता गंझू की जान ले ली थी। इसके अलावा जंगली हाथियों ने सैकड़ों एकड़ भूमि पर लगी फसल को नष्ट और बर्बाद कर दिया है। कई जानवरों को जंगली हाथियों ने अपना निशाना बनाया है। सैकड़ घरों को हाथियों ने ध्वस्त कर दिया है। जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा है। जंगली हाथियों को चंदवा वन प्रक्षेत्र से भगाने और ग्रामीणों को हाथियो ंके प्रकोप से बचोन के लिए पश्चिम बंगाल से हाथी भगाओ विशेषज्ञ टीम कितना कुछ कर पाएगी यह भविष्य के गर्त में है। बाकुडा पश्चिम बंगाल से आई टीम जंगली हाथियों को भगाने का प्रयास कर रहे थे। उसी बीच हाथियों ने एक युवक की जान ले ली। दूसरी बात कि चंदवा वन प्रक्षेत्र से भगाने के बाद वो वापस नहीं आएंगे। इसकी गारंटी कोई नहीं दे सकता।बना लिया है ठिकाना: रांची-लोहरदगा सीमाने से सटे चंदवा के सुदूरवर्ती पंचायत बरवाटोली और चंदवा-बालूमाथ के सीमाने पर हाथियों ने ठिकाना बना लिया है। जानकारों की मानें तो वनो में मानव का दखल बढ़ने और अनाज तथा महुआ की गंध के बीच हाथी गांव की ओर ख्ेिाचे चले आ रहे हैं। हाथियों को भगाने के लिए फोड़े जा रहे पटाखों और रास्ता नहीं मिल पाने के बीच वो गांव की ओर रूख कर ले रहे हैं।समूहों मे विचरण कर रहा है जंगली हाथियों का समूह: चंदवा के उतरी पूर्वी क्षेत्र में चार बच्चा हाथी समेत 25 हाथियों तोे दक्षिण पूर्वी क्षेत्र में दो बच्चा और मादा हथिनी समेत 13 हाथियों को समूह विचरण कर रहा है जो लगातार फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ घरों का ध्वस्त कर रहा है। एक बिछुड़ा हुआ हाथी भी है जिसे आक्रामक बताया जाता है।

कहते हैं रेंजर:नव पदस्थापित वनों के क्षेत्र पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि जंगली हाथियों को घनी आबादी से दूर बीहड़ जंगलों में खदेड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है। बाकुड़ा पश्चिम बंगाल की टीम इसमें जुटी है। ग्रामीण हाथियो को एक ओर निकल जाने का मौका दें।

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