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झारखण्ड:मानसून की बेरुखी से सुखने लगे खेत, मुरझाने लगे किसानों के चेहरे

मानसून की बेरुखी से सुखने लगे खेत, मुरझाने लगे किसानों के चेहरे

सरायकेला:सरायकेला-खरसावां जिले में जुलाई के प्रथम पखवाड़े में मानसून की बेरुखी से सुख रहे खेत में धान के पौधे। और किसानों के चेहरे मुरझाने लगे है। जुलाई के प्रथम सप्ताह जहां जिले 40.9 मिलीमीटर बारिश हुई और कृषि कार्य में तेजी आ गई थी वहीं दूसरे सप्ताह 33.3 एमएम बारिश हुई जिससे खेत सुखने लगा और लहलाते पौधे मुरझाने लगा है। जिले में जुलाई के प्रथम पखवाड़े में औसत 74.2 एमएम बारिश हुई जबकि जुलाई महीने का सामान्य वर्षापात 284.9 मिलीमीटर है। जुलाई के प्रथम सप्ताह की बारिश से खेतों में पानी भर गया था और धान के पौधे लहलहाने लगा था। जिला कृषि विभाग के अनुसार इस बार जून में सामान्य वर्षापात से 66 मिलीमीटर अधिक बारिश हुई। जून की बारिश कृषि कार्य के लिए वरदान रहा और रोहिणी नक्षत्र में बोए गए खेतों में धान के पौधा लहलहाने लगा। अब कढ़ान व रोपनी के लिए खोतों में पानी की जरुरत थी। जुलाई के पहले सप्ताह तीन दिनों तक मौसम सामान्य रहा और चार जुलाई से बारिश होने लगी थी। जुलाई के प्रथम सप्ताह जिले में औसत 40.9मिलीमीटर बारिश हुई। जिससे कृषि कार्य में तेजी आ गई और कढ़ान एवं रोपनी का काम चलने लगा परंतु जुलाई के दूसरे सप्ताह मानसून की बेरुखी से किसानों के सारे मनसूबे पर पानी फिर गया और कृषि कार्य प्रभावित होने लगा है। किसानों की मानें तो मानसून की यही बेरुखी रही तो कहीं जिले में सुखाड़ की स्थिति न आ जाए। जिला कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 जुलाई बुधवार तक जिले के सरायकेला प्रखंड मे 100.6 एमएम, खरसावां में 57.6 एमएम, कुचाई में 72.2 एमएम, गम्हरिया 34.8 एमएम, राजनगर में 45.4 एमएम, चांडिल में 79.0 एमएम, नीमडीह में 79.2 एमएम, ईचागढ़ में सर्वाधिक 104.6 एमएम तथा कुकड़ु प्रखंड में 94.8 एमएम बारिश हुई।

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