
टीएमबीयू के पीजी होम साइंस विभाग में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का हुआ समापन
शुभम कुमार,भागलपुर:तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के पीजी होम साइंस फूड एंड न्यूट्रीशन विभाग में भारतीय पोषण संघ भागलपुर चैप्टर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का समापन शुक्रवार को हो गया। मालूम हो कि गुरुवार को राष्ट्रीय सेमिनार का उदघाटन हुआ था। जिसमें बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। सेमिनार का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया था। दर्जनों प्रतिभागी ऑनलाइन मोड से भी जुड़कर अपने पेपर प्रस्तुत किए।
वक्ताओं ने कहा कि महिला नेतृत्व के बिना एक सशक्त राष्ट्र और सभ्य समाज का निर्माण नहीं हो सकता है। महिलाएं आज सभी क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं के नेतृत्व में विकास समावेशी निर्णय-निर्माण संरचनाओं को बढ़ावा देता है जिसमें सामुदायिक योजना, संसाधन आवंटन और नीति निर्माण में महिलाओं को शामिल किया जाता है। यह समावेशिता समुदाय के भीतर विविध आवश्यकताओं और दृष्टिकोणों को संबोधित करने में सहायता करती है।
जब महिलाओं की संसाधनों तक पहुँच होती है, तो वे पुरुषों की तुलना में परिवार और समुदायों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य में अधिक निवेश करती हैं। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं ने विभिन्न सामुदायिक विकास परियोजनाओं को शुरू करने के साथ उन्हें कार्यान्वित किया है। इसमें जल प्रबंधन, स्वच्छता, ग्रामीण बुनियादी ढाँचे और गरीबी उन्मूलन से संबंधित पहल शामिल हैं।सेमिनार के दूसरे दिन दो तकनीकी और एक मूल्यांकन सत्र आयोजित हुए। तीसरे तकनीकी सत्र के अध्यक्ष गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष व समाजसेवी प्रकाश चंद्र गुप्ता थे। सह अध्यक्ष एसकेएमयू दुमका झारखंड के फिजिक्स विभाग के हेड डॉ राजेश यादव थे।
इस सत्र की रिपोर्टियर पीजी इतिहास विभाग की सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ राधिका मिश्रा थी। जबकि पीजी राजनीति विज्ञान विभाग के शिक्षक विवेक कुमार हिंद डिस्कसेंट थे। तीसरे सत्र में वक्ता पीजी गांधी विचार विभाग के शिक्षक डॉ उमेश प्रसाद नीरज थे। उन्होंने गांधीय परिप्रेक्ष्य में महिला सशक्तिकरण पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वहीं तकनीकी सत्र चार की अध्यक्षता पीजी होम साइंस विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ रेणु रानी जायसवाल ने की। सह अध्यक्ष डॉ ममता कुमारी थी।
जबकि पैनल डिस्कशन टीएनबी कॉलेज के रसायन विभाग की सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ गरिमा त्रिपाठी थी।
चौथे सत्र के स्पीकर पीजी बॉटनी विभाग के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ विवेक कुमार सिंह थे। डॉ विवेक सिंह ने पीपीटी के माध्यम से विस्तार से महिला उद्यमिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने मशरूम उत्पादन, शहद उत्पादन और वर्मी कंपोस्ट प्रोडक्शन के माध्यम से महिला उद्यमिता को रेखांकित किया। चौथे सत्र की रिपोर्टियर एसएम कॉलेज के फिजिक्स विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ निशा कुमारी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।मूल्यांकन सत्र की अध्यक्षता जेपी यूनिवर्सिटी छपरा के पूर्व कुलपति प्रो. फारुक अली ने की। अतिथियों का स्वागत पीजी होम साइंस विभाग की हेड डॉ शेफाली ने अंग वस्त्र, पौधा और फ्रूट बास्केट भेंट कर किया।
सेमिनार के उपरांत विभाग परिसर में अतिथियों ने कई फलदार और छायादार पौधे भी लगाए
मूल्यांकन सत्र में सर्वसम्मति से पारित हुए प्रस्ताव
मूल्यांकन सत्र के दौरान सर्वसम्मति से महिला नेतृत्व और उद्यमिता से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। जिसमें स्थानीय जीविका दीदियों और महिला संस्थानों के साथ संवाद स्थापित करने, फूड प्रोसेसिंग पर आधारित सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्सों की पढ़ाई शुरू करने, सभी क्षेत्रों में महिलाओं का समुचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने, महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए पहल तेज करने, स्थानीय स्तर पर कृषि, उद्योग सहित अन्य क्षेत्रों में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने आदि प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। मूल्यांकन सत्र में पारित सभी प्रस्तावों को राज्य सरकार और केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियों, उच्च शैक्षणिक संस्थानों, यूजीसी, आईसीएसएसआर, विश्वविद्यालय प्रशासन, जिला प्रशासन आदि को भेजा जाएगा ताकि महिला नेतृत्व और उद्यमिता को बढ़ावा देनेऔर नीति निर्माण में ये सभी अनुशंसाएं मददगार साबित हो सकेगा।
सेमिनार के दूसरे दिन इन्होंने प्रस्तुत किए अपने पेपर
ज्योति प्रकाश, देवाश्री मंडल, डॉ मयंक वत्स, डॉ विभा राय, डॉ सुधि वत्स, डॉ आंचल सिंह, डॉ आभा कुमारी, काजल सिंह, प्रिया कुमारी, सोमू कुमारी, नीतू शर्मा, प्रगति कुमारी।आयोजन सचिव डॉ दीपक कुमार दिनकर ने विस्तार से दो दिनों तक चले विभिन्न तकनीकी सत्रों के बारे में जानकारी दी। डॉ दिनकर ने कहा कि सेमिनार में एक सौ से भी अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। करीब 84 प्रतिभागियों के आलेख का प्रकाशन सौवेनियर में किया गया। समापन समारोह के दौरान सेमिनार में भाग लिए सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और सौवेनियर की प्रति भी दी गई। कार्यक्रम स्थल पर सेल्फी बोर्ड भी लगाया गया था।विभाग की हेड व सेमिनार कन्वेनर डॉ शेफाली ने सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का आभार प्रकट किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ रेणु रानी जायसवाल ने की।सेमिनार कोऑर्डिनेटर ज्योति प्रकाश ने कार्यक्रम का संयोजन किया।