
राष्ट्रगान के दौरान सीएम नीतीश कुमार के आपत्तिजनक व्यवहार का भाकपा-माले ने किया विरोध
नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री की जिम्मेदारियों के निर्वहन में सक्षम नहीं:मुकेश मुक्त
शुभम कुमार/भागलपुर:एक सार्वजनिक समारोह में राष्ट्रगान के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आपत्तिजनक व्यवहार का भाकपा-माले ने विरोध किया है। भाकपा-माले के नगर प्रभारी व ऐक्टू के राज्य सचिव कॉमरेड मुकेश मुक्त ने बिहार दिवस के अवसर पर संघर्षशील जनता को बधाई दी और न्यायपूर्ण, समतामूलक नए बिहार के निर्माण के संकल्प को पूरा करने पर जोर देते हुए कहा कि बिहार दिवस से ठीक एक दिन पहले 20 मार्च 2025 को, एक अंतर्राष्ट्रीय खेल के उदघाटन के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के असामान्य व्यवहार का एक वीडियो वायरल हुआ है। राष्ट्रगान के दौरान मुख्यमंत्री को यह भान भी नहीं था कि क्या हो रहा है! हाल के दिनों में मुख्यमंत्री के सार्वजनिक व्यवहार और बयानों से यह स्पष्ट हो रहा है कि वे अब अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की स्थिति में नहीं हैं। बिहार के लोगों को मुख्यमंत्री की वास्तविक स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी चाहिए। मौजूदा परिस्थितियां मुख्यमंत्री और बिहार की जनता, दोनों के लिए अनुचित हैं।उन्होंने कहा कि कभी नीतीश कुमार सुशासन का दावा करते थे और बेहतर कानून व्यवस्था का श्रेय लेते थे, लेकिन आज शासन व्यवस्था चरमरा चुकी है। जिन तीन मुद्दों, अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता पर नियंत्रण का उन्होंने वादा किया था, वे बेलगाम हो चुके हैं। एनडीए के पास सरकार चलाने के लिए बहुमत है, लेकिन यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री अब नियंत्रण में नहीं हैं और उनके सहयोगी जनता को अंधेरे में रखना चाहते हैं।उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि सरकार के नाम पर एक अपारदर्शी नौकरशाही व्यवस्था चल रही है, जो बिहार को लगातार अनिश्चितता की ओर धकेल रही है। बिहार दिवस के अवसर पर बिहार के नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि राज्य की बागडोर वास्तव में किसके हाथ में है और सरकार की स्थिति क्या है?उड़ीसा में भाजपा ने तात्कालिक मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की कथित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बड़ा मुद्दा बनाया था। यहां तक कि अपने एक चुनावी भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नवीन पटनायक की अनिश्चित स्वास्थ्य स्थिति को लेकर किसी राजनीतिक साजिश का संकेत दिया था। लेकिन बिहार में भाजपा पूरी तरह चुप है, और जब विपक्ष मुख्यमंत्री की स्थिति पर सवाल उठाता है, तो भाजपा-जदयू के वरिष्ठ नेता उसे अनावश्यक राजनीति करार देते हैं।