
भाकपा-माले व ऐक्टू ने मुख्यमंत्री को सौंपा मांग पत्र
मांगे पूरी नहीं हुई तो 20 मई 2025 को होगा आम हड़ताल
शुभम कुमार/भागलपुर:मेहनतकशों के संघर्षरत तबकों की समस्याओं के निदान एवं उनकी लोकप्रिय मांगों की पूर्ति हेतु भाकपा-माले एवं ऐक्टू की ओर से एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को भागलपुर जिला पदाधिकारी के माध्यम से बिहार के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सह मांग पत्र सौंपा।प्रतिनिधिमंडल में ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव कॉमरेड मुकेश मुक्त, भाकपा-माले के नगर सचिव कॉमरेड विष्णु कुमार मंडल, जिला कमिटी सदस्य कॉमरेड सिकन्दर तांती, असंगठित कामगार महासंघ के राज्य कमिटी सदस्य कॉमरेड राजेश कुमार दास व बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन के जिला संयुक्त सचिव कॉमरेड अमर कुमार शामिल रहे।कॉमरेड मुकेश मुक्त ने मौके पर कहा कि भागलपुर सहित पूरे बिहार में मेहनतकशों के विशाल तबके लगातार अपनी – अपनी समस्याओं के निदान के लिए संघर्षरत हैं। सरकार इन संघर्षरत तबकों के मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। अभी हाल ही में पेश किए बिहार बजट 2025 – 26 में भी उन मांगों की उपेक्षा से उनमें काफी असंतोष है, जो किसी बड़े जनांदोलन के रुप में सामने आ सकता है। भाकपा-माले और ऐक्टू (ऑल इण्डिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स) भगत सिंह के शहादत दिवस 23 मार्च से डॉ. अम्बेडकर की जयंती 14 अप्रैल तक मेहनतकश तबकों की लोकप्रिय मांगों पर जनअभियान चलाएगी। उन्होंने बताया कि निम्न सौंपे गए निम्न 13 सूत्री मांगों मांगों की अविलंब पूर्ति नहीं किया गया तो हर स्तर पर गरीबों – मजदूरों का आंदोलन संगठित करते हुए 20 मई 2025 को आम हड़ताल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के लिए सौंपे गए ज्ञापन में निम्न 13 सूत्री मांगों को शामिल किया गया –
* बिहार भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निबंधित मजदूर सदस्यों को प्रतिवर्ष मिलने वाला चिकित्सीय सहायता 2020 के बाद से बंद है। इसे फिर से अविलम्ब चालू किया जाय और इसे बढ़ाकर 10000/- रुपए प्रति वर्ष किया जाय।
* सभी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा की गारंटी की जाय। सामान्य व दुर्घटना मृत्यु मुआवजा को बढ़ाकर क्रमशः 2 लाख रुपए एवं 4 लाख रुपए किया जाय।
* असंगठित क्षेत्र के सभी शहरी मजदूरों के लिए रोजगार गारंटी कानून बनाया जाय। न्यूनतम मजदूरी की गारंटी की जाय।
* घरेलू उपयोग के लिए 200 यूनिट निशुल्क बिजली दी जाय। प्रीपेड मीटर हटाया जाय।
* बुढ़ापा पेंशन बढ़ा कर 3000/- रुपए प्रतिमाह किया जाय एवं सभी महिलाओं को 3000/- रुपए प्रतिमाह सहायता राशि दी जाय।
* फुटपाथ दुकानदारों को उजड़ना बंद किया जाय और 2014 के वेंडिंग कानून को लागू कर, भागलपुर सहित सभी शहरों में समुचित वेंडिंग जोन बनायी जाय।
* सर्वे में सामने आए 6000/- रुपए प्रतिमाह आय वाले सभी 94 लाख से अधिक अति गरीब परिवारों को सरकार द्वारा घोषित 2 लाख रुपए सहायता राशि उपलब्ध कराने की गारंटी की जाय।
* सभी बेघर – भूमिहीन गरीबों के लिए वास-आवास की गारंटी की जाय।
* विद्यालय रसोईया, आशा, जीविका आदि स्कीम वर्करों एवं दैनिक स्वास्थ्य – सफाई, सुरक्षा आदि कर्मियों को तत्काल न्यूनतम मजदूरी के बराबर वेतन/मानदेय देने की गारंटी की जाय। इन्हें सरकारी कर्मी का दर्जा दिया जाय।
* माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से जुड़ी महिलाओं के कर्ज को माफ किया जाय। माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के मकड़जाल को खत्म कर सरकार द्वारा लोन देने की व्यवस्था की जाय।
* आउटसोर्स – ठेका – मानदेय कर्मियों का नियमितीकरण किया जाय। रिक्त पदों पर अविलंब बहाली की जाय।
* एपीएमसी एक्ट लागू करो। सभी फसलों पर एमएसपी की गारंटी की जाय। बटाईदार किसानों को पहचान पत्र व सरकारी सहायता दी जाय।
* पत्रकारों के अभिव्यक्ति के अधिकार, सेवा और सुरक्षा की गारंटी की जाय और मजीठिया बोर्ड की सिफारिशों को लागू कर वेतन निर्धारण व बकाया का भुगतान किया जाय।