चंदवा:चंदवा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से घोष की ताल पर कदम से कदम मिलाते हुए पथ संचलन निकाला गया। इस दौरान स्वयंसेवकों में अनुशासन दिखाई दिया। स्वयंसेवक सिर पर काली टोपी, खाकी पेंट व सफेद शर्ट व हाथों में तलवार लेकर घोष की आवाज पर पूरे समय कदम से कदम मिलाते हुए आगे बढ़ते रहे। रास्ते में जगह-जगह व्यापारियों, ग्रामीणों व सामाजिक संगठनों ने पथ संचलन का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। घोष की धुन पर पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने करीब चार किमी के पथ संचलन में भाग लिया। पथ संचलन को देखने के लिए लोग सड़क किनारे उमड़े। पथ संचलन में बाल से लेकर प्रौढ़ स्वयंसेवक शामिल रहे। वयोवृद्ध स्वयंसेवकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। शताब्दी वर्ष की अनुभूति हर स्वयंसेवक में नई ऊर्जा व दायित्व का बोध करा रही थी। पथ संचलन के बाद ग्रीन फील्ड एकेडमी के परिसर में गोष्ठी व शस्त्र पूजन कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रांची से आए वरीय स्वयंसेवक स्वामी दिव्यज्ञान ने कहा कि विजयदशमी पर वर्ष 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। राष्ट्र के परम वैभव के लिए पंच परिवर्तन के अंतर्गत हम सब अपने दैनिक जीवन में सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली एवं स्वदेशी को अपनाएं तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन करें। जिस देश में मैं नहीं हम का भाव रखने व देशहित सोचने वाले होते हैं, वह देश महान होता है। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक हमेशा देश सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। संघ 1925 से अनवरत कार्य करता चला आ रहा है। संघ के स्वयंसेवकों ने कभी हार नहीं मानी। अपने कर्तव्य पर हमेशा तत्पर रहते हैं। पथ संचलन हमें अनुशासन में रहने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने जाति-पांति, ऊंच-नीच के भेद को खत्म करते हुए समरसता पर जोर देते हुए कहा कि सारा समाज, सारा भारत एक है यह भाव हर देशवासी में लाना जरूरी है। राजेश चंद्र पाण्डेय ने संघ की शाखाओं पर कहा कि शाखा है तो सब कुछ है। हमें राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति के लिए काम करना है दुनिया भर में अच्छा आदर्श प्रस्तुत करना है। टोरी राजघराने के सदस्य सह अधिवक्ता संघ लातेहार के अध्यक्ष लाल अरविंद नाथ शाहदेव ने कहा कि कई प्रकार के षड्यंत्र द्वारा हमारे हिंदुत्व को तोड़ने का प्रयास किया गया परंतु हमारे देश के महापुरुष व राजाओं ने घास की रोटी खा कर के जंगलों में रह करके इस भारत को अखंड बनाए रखने हेतु प्रयास किए। यह देश माता है और इसकी रक्षा करना पुत्र का कर्तव्य है। इसलिए हम सब लोग इसे भारत माता मानते हैं। नरेश प्रसाद गुप्ता ने कहा कि हमसब का कर्तव्य है इसे सुरक्षित रखें और सुरक्षित तभी रखा जा सकता है जब हिंदुत्व सुरक्षित होगा। हम सभी भाई जाति व मतभेद भुलाकर एक होकर भारत माता के लिए कार्य करें तभी हमसब मिलकर एक समृद्ध भारत के निर्माण में सफल हो सकते हैं।मोहिनीश कुमार ने कहा हिंदुत्व के लिए हमारा तन समर्पित और मन समर्पित हैं.इस मौके पर नरेंद्र अग्रवाल, मनोज सिंह पप्पु, निर्मल शर्मा, संतोष साहू, नवल किशोर लाल, रामवृक्ष चौधरी, उत्तम साहनी, श्रीप्रसाद गुप्ता, गणेश बरई, शंभू शर्मा, रामनाथ गुप्ता, अमरदीप प्रसाद साहू, राजू सिंह, संजीव आजाद, गोपाल जायसवाल, राजेंद्र यादव, अजय वैद्य, डा. अनील, अरूण शर्मा, पवन कुमार, रमण महतो,अरूण चौधरी,जयेश वरु,राजन विश्वकर्मा, विष्णु कुमार, वीरेंद्र प्रसाद,नीतीश तिवारी, राहुल कुमार,किशोर कुमार, अमित केशरी समेत बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद थे।इस दौरान पत्रकारों को तलवार भेंटकर सम्मानित किया गया।





