रामनवमी में दिखा रजवाड़ा स्टाइल, घोड़े पर अरविंद शाहदेव व पीछे जिप्सी बनी आकर्षण का केंद्र
इंडिया प्राइम न्यूज, लातेहार (झारखंड) : रामनवमी का जुलूस इस बार चंदवा के हरैया मुहल्ले में कुछ ज्यादा ही खास और यादगार बन गया, जब भक्ति के रंग में शाही ठाठ का तड़का भी लग गया। टोरी राजघराने के सदस्य और वरीय अधिवक्ता लाल अरविंद नाथ शाहदेव जैसे ही अपने घोड़े पर सवार होकर जुलूस में पहुंचे, पूरा माहौल जैसे एक पल के लिए ठहर सा गया और फिर अचानक लोगों की भीड़ उनके इर्द-गिर्द उमड़ पड़ी।

सफेद घोड़े पर उनका रौबदार अंदाज ऐसा लग रहा था मानो कोई पुराना राजा अपने इलाके का दौरा कर रहा हो, और इस शाही एंट्री ने जुलूस की पूरी रंगत ही बदल दी। सबसे दिलचस्प नजारा तब बना जब उनके पीछे-पीछे उनकी जिप्सी गाड़ी भी धीरे-धीरे चलती नजर आई, जिससे परंपरा और आधुनिकता का ऐसा कॉम्बिनेशन बना कि लोग देखते ही रह गए।

हरैया मुहल्ले की गलियां पहले से ही जय श्रीराम के नारों, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों से गूंज रही थीं, लेकिन जैसे ही यह शाही सवारी वहां से गुजरी, माहौल में एक अलग ही जोश और उत्साह भर गया। आसपास खड़े लोग अपने मोबाइल निकालकर इस नजारे को कैद करने में लग गए, कोई वीडियो बना रहा था तो कोई फोटो क्लिक कर रहा था, मानो हर किसी को यही डर हो कि कहीं यह मौका हाथ से निकल न जाए। बच्चों की आंखों में कौतूहल था तो बुजुर्गों के चेहरे पर हल्की मुस्कान, जैसे वे अपने पुराने समय की झलक फिर से देख रहे हों।
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी जोरों पर रही कि इस बार का रामनवमी जुलूस कुछ अलग ही स्तर पर पहुंच गया है और इसका श्रेय इस शाही अंदाज को जाता है। युवाओं में तो इस दृश्य को लेकर खासा उत्साह देखा गया और देखते ही देखते यह नजारा सोशल मीडिया पर भी छा गया। शाहदेव का यह अंदाज सिर्फ दिखावा नहीं बल्कि अपनी विरासत और परंपरा को जीवंत रखने का एक अनोखा तरीका भी माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने बिना कुछ कहे ही बहुत कुछ कह दिया। चंदवा के हरैया में इस बार रामनवमी का जुलूस भक्ति, उत्साह और शाही ठाठ के ऐसे संगम के रूप में सामने आया, जिसे देखने वाले शायद लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे।




