सुलतानगंज में गंगा का जलस्तर खतरें के निशान से बढ़ रहा है,कल्याणपुर मोतीच़क दियारा से घर छोड़कर लोग कर रहे पयालन।
बरुण कुमार/सुल्तानगंज:गंगा नदी का जलस्तर खतरें के निशान से ऊपर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिसको लेकर दियारा क्षेत्र तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा गहराता ही जा रहा है। सुलतानगंज प्रखंड के महेशी पंचायत के मोतिच़क कल्याणपुर बाढ़ग्रस्त इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में घुसने लगा हैं।जिसको लेकर अपना बोरिया-बिस्तर समेटने लगा है। और उच्चें जगह की तलाश में रोड की तरफ आने लगा है। बाढ़ग्रस्त परिवारों को अभी तक जिला प्रशासन से लेकर प्रखंडस्तरीय कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। बाढ़ग्रस्त परिवारों का यह भी कहना हैं।हर साल तकरीबन तीन से चार महिने गंगा नदी के पानी से घिरा हुआ रहता है। जिसमें की हर तरह की परेशानी से गुजरना पड़ता हैं।बाजार हाट जाने आने के लिए टिना के चादरों से जुगाड़ू नाव बना कर काम चलाते हैं। जिसमें की डर भी लगता है। कहीं डुब ना जाए। चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं,इसके बाद दर्शन देने तक नहीं आते हैं।रोड सड़क दूर की बात,वहीं देखा जाए तो, बाढ़ग्रस्त परिवारों के उपर जिस तरह से जलप्रलय का डर सता रहा है। एक तरफ फसलों की बर्बादी, दूसरी तरफ, जमीन मालिक का अनाज की उगाही।पानी में बच्चों की चिन्ता, डाक्टर, वैध,को जानकारी देने की बावजूद भी पानी के वजह से बच्चों का इलाज करने नहीं आते हैं। ग्रामीण डांक्टर।चारों तरफ से गंगा नदी के पानी से घिरा कल्याणपुर मोतीच़क दियारा क्षेत्र। एक मां और बाप के दर्द भरी जुबान से लड़खड़ाता शब्दों का, बयान, बिमार बच्चों के लिए, शब्द बाण तीन, किसी को भी, सोचने को मजबूर कर दें,लेकिन, बिहार सरकार, यह जिला प्रशासन से लेकर प्रखंडस्तरीय, राहत शिविरों का उपलब्ध नहीं होना, मानवता को शर्मसार करने जैसा है. सवाल तो उठेगा ही?