दिल्ली: कैवेलरी सेमिनार 2025 में थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा,जहाँ तक उत्तरी मोर्चे का सवाल है, सैटेलाइट तस्वीरें यह बताती हैं कि यह पूरा इलाका टैंकों के लिए अनुकूल (tankable) भूभाग है। और निश्चित रूप से यह एक अत्यधिक ऊँचाई वाला क्षेत्र है। इसलिए वहाँ रसद (logistics) और दल की लंबे समय तक संचालन क्षमता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है.एटीएस (ATS) हवाई और स्थलीय अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा…”उन्होंने आगे कहा,”…जहाँ तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का सवाल है, यह कभी ‘मनुष्य बनाम एआई’ नहीं होता। बल्कि यह ‘एआई से सशक्त मनुष्य’ होता है। इसका अर्थ है – ज़मीन पर मौजूद कमांडर की रचनात्मकता, उसकी संवेदनशीलता (empathy factor), कब क्या करना है इसका निर्णय लेना, समस्याओं का समाधान करना और आँकड़ों को निर्णयों में बदलना — यही असली क्षमता है…”





