रांची:झारखंड के इतिहास मे पहली बार ऐसी फ़िल्म की शूटिंग होगी जिसे पुरे प्रदेश सहित विश्व के लोग इससे प्रभावित होंगे.प्रदेश में फिल्म नीति लागू होने के बाद फिल्म निर्माताओं का रुझान बढ़ा है। लाइट, कैमरा और एक्शन केवल मुंबई व हैदराबाद जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा। वही राज्य की जानी मानी हस्ती व झारखंड फ़िल्म काउंसिल के सदस्य सुजीत उपाध्याय ने indiaprimenews से खास बातचीत मे कहा ये बाबा वैद्यनाथ धाम और भगवान बिरसा मुंडा की भूमि झारखण्ड सिनेमा पटकथा की हिस्सा बनने जा रही है। राज्य सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन के सहयोग से लागू की गई फिल्म नीति के कारण प्रदेश फिल्मों की शूटिंग को लेकर फिल्म निर्माताओं के लिए हॉट स्पॉट बन गया है।प्रदेश में हिंदी, भोजपुरी, मैथिली, मगही से लेकर अन्य भाषा में शूटिंग झारखण्ड की मिट्टी पर होने की चर्चा तेज है।वही सुजीत उपाध्याय ने कहा की फिल्मों की शूटिंग से न सिर्फ राज्य के फिल्म निर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन मिला है, बल्कि स्थानीय कलाकारों को रोजगार मिलने के साथ पर्यटन को भी बल मिला है। प्रदेश में जल्द ही लघु फिल्म महोत्सव का आयोजन विभाग की ओर से होने की बात चल रही हैं । इसके लिए कई फिल्मों का चयन किया गया है और चयन जारी है।प्रदेश में फिल्मों के निर्माण के अलावा यहां के कलाकारों को बढ़ावा देने को लेकर सरकार प्रयासरत है।वही अन्य छात्रों के आवेदनों की प्रक्रिया जारी है।वही इस फिल्म मुर्गा ट्राफी के निर्देशक शशि वर्मा टेलीविजन जगत के अनुभवी रचनाकार है जिससे झारखंड में निर्मित फिल्म की महता अधिक बढती दिख रही है.आपको बताते चले इस फिल्म के निर्माता चन्दन आनंद एक बहुआयामी लेखक और रचनात्मक निर्माता हैं जिन्होंने कई वेब शो में अभिनय और उनका निर्माण किया है.आपको बताते चलें इस फिल्म में झारखंड की भाषा,वेशभूषा और इसकी भौगोलिक संरचनाओं का अद्भुद संगम दर्शकों को देखने को मिलेगा.