DEO कार्यालय सुपौल के उच्च वर्गीय लिपिक अमोल झा निलंबित
कुणाल/सुपौल:मधेपुरा में निर्धारित हुआ निलंबन मुख्यालय, 90 दिनों में पूरी होगी जांचएंकर:- क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, कोसी प्रमंडल, सहरसा ने कार्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी, सुपौल में कार्यरत उच्च वर्गीय लिपिक अमोल झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा पदाधिकारी, सुपौल के पत्रांक 291 दिनांक 31 जुलाई 2025 के आधार पर की गई है, जिसमें अमोल झा के विरुद्ध गंभीर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता का आरोप लगाया गया है। आदेश के अनुसार श्री झा द्वारा एक महत्वपूर्ण संचिका को समय पर प्रस्तुत नहीं किया गया, जो उनकी लापरवाही और गलत मंशा को दर्शाता है। शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक में यह मामला सामने आया। गौरतलब है कि कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, बिहार के निर्देशानुसार किसी भी निलंबन के एक माह के भीतर आरोप पत्र गठित कर 12 माह में कार्यवाही पूरी की जानी चाहिए। वहीं, तीन माह के भीतर आरोप पत्र नहीं बनने की स्थिति में निलंबन स्वतः समाप्त माना जाएगा।उक्त निर्देशों की अवहेलना को देखते हुए अमोल झा के विरुद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के अंतर्गत विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। निलंबन अवधि में श्री झा का मुख्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, मधेपुरा निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियम 10 के तहत जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।विभागीय जांच की प्रक्रिया हेतु संचालन पदाधिकारी के रूप में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहरसा तथा प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी के रूप में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना, सुपौल को नियुक्त किया गया है। दोनों पदाधिकारियों को 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर विहित प्रपत्र में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। आरोपी को आरोप पत्र की प्रति उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है। यह कार्रवाई शिक्षा विभाग में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है। इधर, डीईओ संग्राम सिंह ने कहा कि जिला पदाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक में उच्च वर्गीय लिपिक की लापरवाही सामने आई थी। उसी आलोक में कार्रवाई हुई है।