नई दिल्ली:भाजपा नेता राम कृपाल यादव ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर कहा,प्रधानमंत्री ने साहस दिखाया है। अब तक ऐसा था कि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री जेल भी जाएंगे तो वे जेल से शासन करेंगे और यह अरविंद केजरीवाल ने करके दिखाया भी। क्योंकि संविधान के निर्माण के समय यह सोचा ही नहीं गया था कि इस देश का कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री अनैतिक गतिविधियों में शामिल होगा… इसलिए इसका कोई प्रावधान भी नहीं था लेकिन प्रधानमंत्री ने स्वयं कहा कि नैतिकता होनी चाहिए। देश के बड़े से बड़े पद पर बैठा व्यक्ति यदि गड़बड़ करता है तो उसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए और यदि नहीं देता है तो कोई कानूनी आधार होना चाहिए… प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से और इस बिल के माध्यम से देश में इतिहास रचने का काम किया गया है।