झारखंड की मिट्टी से उठकर दुनिया तक जाएगा एक सपना, निर्माता सुजीत उपाध्याय की ‘मुर्गा ट्रॉफी’ बन रही है अंतरराष्ट्रीय सिनेमा की भावनात्मक पहचान
रांची (झारखंड):दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ अभिनीत अंतरराष्ट्रीय फिल्म ‘मुर्गा ट्रॉफी’ की शूटिंग इन दिनों झारखंड की राजधानी रांची और उसके आसपास की मनोहारी, प्राकृतिक और जीवन से जुड़ी लोकेशन्स पर पूरे समर्पण, जुनून और भावनात्मक गहराई के साथ जारी है। यह फिल्म केवल एक सिनेमाई प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि निर्माता सुजीत उपाध्याय के वर्षों से संजोए गए उस सपने की अभिव्यक्ति है, जिसमें झारखंड की मिट्टी, यहां का संघर्ष, सादगी और संवेदनशील मानवीय भावनाएं वैश्विक सिनेमा के मंच पर अपनी सशक्त पहचान बनाएं। सुजीत उपाध्याय का यह अटूट विश्वास ही ‘मुर्गा ट्रॉफी’ की आत्मा है, जिसने इस फिल्म को जन्म दिया और इसे एक साधारण कहानी से उठाकर एक संग्रहणीय और कालजयी कृति की दिशा में अग्रसर किया। उनके संकल्प, धैर्य और दृष्टि ने रांची को इस फिल्म की धड़कन बना दिया है, जहां हर फ्रेम में जमीन से जुड़ी सच्चाई और भावनाओं की गर्माहट महसूस होती है। फिल्म के मुख्य अभिनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ, जो लगातार हिंदी सिनेमा में अपनी सशक्त पहचान बना रहे हैं, ने भावुक शब्दों में कहा कि ‘मुर्गा ट्रॉफी’ के माध्यम से पहली बार अंतरराष्ट्रीय सिनेमा का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व और आत्मिक संतोष का क्षण है और इसके लिए वे निर्माता सुजीत उपाध्याय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने उन पर भरोसा किया। निरहुआ ने कहा कि लगभग दो दशकों की उनकी अभिनय यात्रा में यह एक ऐसा ऐतिहासिक पड़ाव है, जहां उनकी कला अब सीमाओं को पार कर दुनिया से संवाद करेगी। निर्माता सुजीत उपाध्याय और सह निर्माता विजया लक्ष्मी का मानना है कि झारखंड की पृष्ठभूमि पर बनने वाली ऐसी प्रेरणादायक और भावनात्मक फिल्में राज्य को फिल्म निर्माण के विश्व मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करती हैं और ‘मुर्गा ट्रॉफी’ उसी दिशा में एक ईमानदार और साहसी प्रयास है। फिल्म के निर्देशक शशि वर्मा ने रांची में शूटिंग के अनुभव को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक गहराई और लोगों का स्नेह फिल्म को वह प्रामाणिकता दे रहा है, जिसकी कल्पना निर्माता सुजीत उपाध्याय ने की थी। फिल्म में निरहुआ के साथ परफॉर्मिंग आर्ट्स के सशक्त कलाकार प्रद्युम्न नायक और प्रतिभाशाली बाल कलाकार शौर्य राज भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। निर्माण टीम में नलिनी सिन्हा, चंदन आनंद, मनीषा वर्मा, मुकेश गिरी, लेखक उमेश उपाध्याय, डीओपी सुनील विश्वकर्मा और एडिटर अमित राज बहादुर अपने अनुभव, मेहनत और समर्पण से फिल्म को एक मजबूत आकार दे रहे हैं। फिल्म का संगीत राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता नंदलाला ने तैयार किया है, जबकि आर्ट और प्रोडक्शन डिजाइन की जिम्मेदारी बॉलीवुड के प्रसिद्ध डिजाइनर प्रभात ठाकुर ने संभाली है। सह निर्माता के रूप में अमित आर्ट्स, इनोवेशन पिक्चर्स, उमंग प्रोडक्शन्स, नायक प्रोडक्शन्स और ई7 पिक्चर्स जैसे प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस इस रचनात्मक यात्रा के साक्षी बने हैं। बीते 12 दिनों से रांची, बुंडू और आसपास की खूबसूरत लोकेशन्स पर लगातार शूटिंग जारी है और आने वाले दिनों में जमशेदपुर, टाटा और रांची के अन्य क्षेत्रों में भी शूटिंग की जाएगी, ताकि झारखंड की आत्मा को पूरी संवेदनशीलता, सच्चाई और सम्मान के साथ पर्दे पर उतारा जा सके। ‘मुर्गा ट्रॉफी’ निर्माता सुजीत उपाध्याय के उस स्वप्न की कहानी है, जिसमें सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि पहचान, भावना और गौरव बनकर उभरता है, और यही वजह है कि यह फिल्म न केवल देखी जाएगी, बल्कि वर्षों तक सहेज कर रखी जाएगी।






