बातचीत की मेज पर खत्म हुआ चेक बाउंस का विवाद18 जुलाई को विशेष लोक अदालत में मिलेगा समाधान का अवसर
लातेहार (झारखंड):अदालत की चौखट तक पहुंचे विवाद जब संवाद की मेज पर सुलझते हैं तो फैसला केवल मुकदमे का नहीं होता, रिश्तों में जमी कड़वाहट भी पिघल जाती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्री-काउंसिलिंग बैठक में ऐसा ही सुखद दृश्य देखने को मिला, जहां वर्ष 2023 से लंबित चेक बाउंस के मामले में दोनों पक्षों ने हाथ मिलाकर करीब चार लाख 20 हजार रुपये के विवाद का सौहार्दपूर्ण पटाक्षेप कर दिया। बार एसोसिएशन लातेहार के अध्यक्ष लाल अरविंद नाथ शाहदेव ने धैर्य, संवाद और विश्वास के साथ दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझौते की राह दिखाई, जबकि अधिवक्ता रमण गुप्ता और अधिवक्ता बदरु रजा ने सकारात्मक पहल करते हुए सहमति की डोर को मजबूत बनाया। लंबे समय से चला आ रहा विवाद कुछ ही देर की सार्थक बातचीत में समाप्त हो गया और दोनों पक्ष संतोष के साथ लौटे। बार एसोसिएशन लातेहार के अध्यक्ष लाल अरविंद नाथ शाहदेव ने कहा कि प्री-काउंसिलिंग और लोक अदालत केवल मुकदमों के निपटारे का मंच नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों को जोड़ने और समाज में सौहार्द कायम रखने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से होने वाला समाधान किसी की हार या जीत नहीं, बल्कि दोनों पक्षों की साझा जीत होती है। अधिवक्ता रमण गुप्ता ने कहा कि बातचीत से निकला समाधान सबसे स्थायी होता है। यदि पक्षकार खुलकर अपनी बात रखें तो वर्षों पुराने विवाद भी बिना कटुता के समाप्त हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से विशेष लोक अदालत का लाभ उठाकर लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण निपटारा कराने की अपील की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेष नाथ सिंह ने कहा कि लोक अदालत और प्री-काउंसिलिंग समय, धन और अनावश्यक न्यायिक प्रक्रिया से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई 2026 को एनआई एक्ट (चेक बाउंस) मामलों के लिए विशेष लोक अदालत आयोजित होगी, जबकि 17 जुलाई तक प्री-काउंसिलिंग की प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस अवसर का लाभ उठाकर आपसी सहमति से लंबित मामलों का निपटारा कराने की अपील की।





